बिलासपुर, 03 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं को बच्चों से जोड़ने के उद्देश्य से शासकीय प्राथमिक शाला कुटीपारा मोपका में दान और भाईचारे का प्रतीक लोक पर्व छेर-छेरा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर पारंपरिक उल्लास, लोकगीतों और बच्चों की उमंग से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विजय टांडे जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ भरत लाल धुरी एवं भावन धनवार जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने छत्तीसगढ़ी लोक पर्वों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार, सहयोग और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
छेर-छेरा पर्व के दौरान बच्चों ने पारंपरिक रूप से “छेर-छेरा” की आवाज लगाते हुए दान एकत्र किया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को दान, सहयोग और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश दिया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों को इस लोक पर्व की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम में गायत्री धूरी, अनीता धूरी, बृहस्पति धुरी, सरिता धुरी, मनोज ठाकुर, संजय शर्मा, नवरत्न जी सहित विद्यालय की प्रधान पाठिका अर्चना भारद्वाज की सक्रिय सहभागिता रही। प्रधान पाठिका ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।
अंत में अतिथियों द्वारा बच्चों को आशीर्वचन दिया गया और सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी ऐसे लोक-सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।
विज्ञापन एवं समाचार प्रकाशित करवाने हेतु संपर्क करें Prabhat Chhattisgarh ( Prabhat Sonchhatra
Prabhatsonchhatra@gmail.com
https://www.prabhatchhattisgarh.in



More Stories
सेंट जेवियर स्कूल प्रकरण को लेकर फूटा जनाक्रोश, सर्वसेन समाज ने किया कलेक्ट्रेट घेराव
बिलासपुर सेंट्रल जेल में खूनी वारदात: विचाराधीन कैदी की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या
बायोमेट्रिक के साथ ओटीपी विकल्प भी लागू हो, राशन हितग्राहियों को हो रही परेशानी – रवि परयानी