August 23, 2026

हेमूनगर में 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, कारणों की जांच में जुटी पुलिस; शव वाहन सेवा पर परिजनों ने जताई नाराजगी

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बिलासपुर, बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत हेमूनगर में एक 27 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान संदीप रजक (27 वर्ष), पिता सुरेश रजक, निवासी हेमूनगर के रूप में हुई है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। तोरवा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। संदीप रजक ने अपने ही घर के भीतर अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना तोरवा थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) भेजा गया।

गुरुवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस परिजनों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही युवक के व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

इधर, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सिम्स अस्पताल में संचालित निःशुल्क शव वाहन सेवा “मुक्तांजली” को लेकर भी परिजनों ने गंभीर नाराजगी जताई। परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए उन्होंने शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए टोल-फ्री नंबर पर संपर्क किया, लेकिन करीब तीन घंटे तक न तो किसी ने फोन का संतोषजनक जवाब दिया और न ही शव वाहन उपलब्ध कराया गया।

परिजनों का कहना है कि दुख की इस घड़ी में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद मजबूरी में उन्हें निजी वाहन किराए पर लेकर शव को घर ले जाना पड़ा, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ा। उन्होंने शासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निःशुल्क शव वाहन सेवा को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी परिस्थितियों में परेशानी का सामना न करना पड़े।

वहीं, तोरवा पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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