August 23, 2026

भारत की श्रेष्ठ सांस्कृतिक परम्पराओं का संरक्षण संघ का कार्य हैं – कनिराम

Share this

बिलासपुर। रविवार 29 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जिला ईकाई द्वारा आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्यवक्ता सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त कार्यकारिणी सदस्य कनिराम जी ने कहा कि, संघ का कार्य भारत की श्रेष्ठ सांस्कृतिक परम्पराओं का संरक्षण करना हैं। संघ की कार्यपद्धति शास्त्रशुद्ध समाज आधारित हैं। संघ की शाखा में कोई भी आ सकता है। संघ की शाखा में सभी आयुवर्ग के व्यक्तियों के लिए अलग अलग कार्यक्रमों की रचना की गई हैं। संघ शाखा की विलक्षण कार्यपद्धति के कारण शाखा में नित्य आनेवाले सामान्य स्वयंसेवक के द्वारा सभी समाज को साथ में लेकर समाज में असामान्य कार्य होने लगते है, जिसकी कल्पना भी उसे नहीं होती।

मुख्यवक्ता कनिराम जी ने कहा कि, संघ का कार्य यह व्यक्ति निर्माण का कार्य हैं। संघ यह कार्य, समाज को साथ में लेकर करता हैं। इस राष्ट्र को परम वैभव के शिखर पर पहुंचाना हमारा लक्ष्य हैं। संघ में किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं हैं। इसकी अनुभूति स्वयं महात्मा गाँधी जी ने की थी, जब वे वर्धा में संघ के शिविर में आये थे। इसकी प्रशंसा स्वयं महात्मा गाँधी जी ने की थी। मुख्यवक्ता ने बताया कि, हम सब ऋषियों की संतान हैं, इसलिए हम सब आपस में भाई बहन हैं। संघ ने कोई नया विचार, नया कार्य अलग से खड़ा नहीं किया हैं, अपितु भारत का अनादि काल से चला आ रहा विचार ही संघ का विचार हैं। हजारों वर्षों से चली आ रही भारत की महान परंपरा के संवाहक ऋषियों ने दिया हुआ ज्ञान आज संघ सबदूर प्रवाहित कर रहा हैं। संघ देश में राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत कर रहा हैं। हमारे कार्य का आधार सत्य का हैं। भक्ति काल में संत परंपरा का उदय हुआ और भारत के सभी प्रान्तों में, सभी मत सम्प्रदायों, वर्गों के बीच संतों ने “भारत यह एक राष्ट्र हैं”, इसका सन्देश दिया। महाराष्ट्र में संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम, एकनाथ, असम में शंकरदेव, बंगाल में चैतन्य महाप्रभु तो छत्तीसगढ़ में बाबा घासीदास जैसे अनेक संतों ने भारत की गौरवशाली परंपरा को बताया। दुर्दैव से काल परिस्थितियों में विधर्मियों के षड्यंत्रों के कारण निर्माण हुए भेदभाव, सामाजिक विषमतायें व कुरीतियों को दूर करने की आवश्यकता हैं, जिसे संघ गत 100 वर्षों से समाज को साथ लेकर संगठित रूप से कर रहा हैं। इस शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के विषय को लेकर संघ व्यापक रूप से कार्य कर रहा हैं।

संघ शताब्दी वर्ष पर इस प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन स्थानीय साहू छात्रावास भवन में हुआ। जिले के सभी समाज प्रमुखों, मातृशक्ति, समाज जीवन में ख्याति प्राप्त विशिष्ट व्यक्तियों तथा गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंच पर संघ के मा. विभाग संघचालक डॉ. कमलेश निषाद जी व मा. जिला संघचालक राजकुमार देवांगन जी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के शुरुआत में जिज्ञासा समाधान था। उपस्थित नागरिकों ने, संघ को लेकर जो उनके मन में प्रश्न थे, उन्होंने पूछा व उसका समाधान मुख्यवक्ता के द्वारा किया गया। पूर्व से संग्रहित सभी के प्रश्न समाहित किये गए थे। अंत में राष्ट्रगीत वन्देमातरम् के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Editor in chief at  | +91 7415187590 | Website |  + posts

विज्ञापन एवं समाचार प्रकाशित करवाने हेतु संपर्क करें Prabhat Chhattisgarh ( Prabhat Sonchhatra
Prabhatsonchhatra@gmail.com
https://www.prabhatchhattisgarh.in