August 23, 2026

सिम्स बिलासपुर में बच्चेदानी से 10 किलो का ट्यूमर सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर निकाला गया,

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बिलासपुर, 08 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। सिम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा 40 वर्षीय महिला मरीज की बच्चेदानी से 10 किलो 220 ग्राम वजन का अत्यंत विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया। चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार देश के अन्य राज्यों में अब तक लगभग 8 किलो तक के ट्यूमर की सर्जरी की जानकारी मिलती है, जबकि यह छत्तीसगढ़ राज्य का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेट किया गया ट्यूमर माना जा रहा है।

मरीज बिलासपुर की निवासी है, जिसे पिछले एक वर्ष से अधिक समय से गर्भाशय में गांठ की समस्या थी। समय के साथ ट्यूमर का आकार अत्यधिक बढ़ जाने से महिला की तबीयत गंभीर हो गई थी। उसे सांस लेने में परेशानी, किडनी एवं लिवर पर गंभीर प्रभाव जैसी जटिल समस्याएं हो गई थीं। परिजन महिला को इलाज के लिए सिम्स के स्त्री रोग विभाग लेकर आए।

प्रारंभिक जांच के दौरान डॉ. दीपिका सिंह ने गर्भाशय में बड़े ट्यूमर की आशंका व्यक्त की और इसकी जानकारी स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी को दी। आवश्यक जांचों के बाद ट्यूमर की पुष्टि हुई, जिसके पश्चात विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा जटिल सर्जरी का निर्णय लिया गया।

इस अत्यंत जोखिमपूर्ण सर्जरी का नेतृत्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, स्त्री रोग विभाग डॉ. संगीता रमन जोगी ने किया। सर्जरी टीम में डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. प्रतिभा सिंह, मेल नर्स अश्विनी शामिल रहे। निश्चेतना विभाग की ओर से विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. प्रशांत पैकरा एवं डॉ. बलदेव नेताम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन के दौरान ओटी स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा। सर्जरी सफल रही और वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा— “सिम्स बिलासपुर निरंतर उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। महिला रोग विभाग द्वारा इतनी बड़ी और जटिल सर्जरी का सफल होना हमारी चिकित्सकीय क्षमता, आधुनिक संसाधनों एवं समर्पित टीमवर्क का प्रमाण है। अब प्रदेश के मरीजों को ऐसे जटिल ऑपरेशन के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है।”

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा— “मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर थी और सर्जरी उच्च जोखिम वाली थी। सभी विभागों के आपसी समन्वय, सटीक योजना और सतत निगरानी के कारण यह ऑपरेशन सफल हो सका। यह सिम्स की कार्यप्रणाली और चिकित्सकीय अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है।”

विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी ने बताया— “ट्यूमर का आकार बहुत अधिक होने के कारण यह सर्जरी तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण थी। निश्चेतना, नर्सिंग और ओटी स्टाफ के सहयोग से पूरी सावधानी और वैज्ञानिक पद्धति अपनाई गई। समय पर सही इलाज मिलने से मरीज का जीवन सुरक्षित किया जा सका। यह सफलता पूरी टीम के समर्पण का परिणाम है।”

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