August 23, 2026

ऑयल पाम रोपण को बढ़ावा: राज्य शासन द्वारा 69,620 रुपये तक का अतिरिक्त अनुदान 

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बिलासपुर, 28 दिसंबर 2025/ खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने तथा कृषकों की आय में दीर्घकालीन वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल–ऑयल पाम योजना अंतर्गत ऑयल पाम रोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

योजना के तहत ऑयल पाम रोपण करने वाले कृषकों को केन्द्र सरकार द्वारा देय अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में अतिरिक्त (टॉप-अप) अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम एवं अधिक उत्पादकता वाली फसल है, जिसमें रोग प्रकोप की संभावना न्यूनतम रहती है। एक बार रोपण के पश्चात चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ होकर 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज प्राप्त होती है। यह फसल पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे कृषकों को स्थायी आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

उपसंचालक उद्यान डॉ. कमलेश दीवान ने जानकारी दी कि ऑयल पाम की अधिक प्रारंभिक लागत एवं 3 से 4 वर्ष की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा केन्द्र सरकार के न्यूनतम 1.30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषकों को ऑयल पाम रोपण हेतु प्रोत्साहन मिल सके।

राज्य शासन द्वारा रखरखाव मद में पूर्व निर्धारित 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर के अनुदान में 1,500 रुपये की वृद्धि करते हुए कुल 6,750 रुपये का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार अंतरवर्तीय फसलों हेतु अतिरिक्त वृद्धि के साथ कुल 10,250 रुपये, ड्रिप सिंचाई अपनाने वाले कृषकों को 8,835 रुपये की अतिरिक्त राशि सहित कुल 22,765 रुपये तथा पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से सुरक्षा हेतु फेंसिंग के लिए प्रति हेक्टेयर 54,485 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप मद में कुल 69,620 रुपये तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले कृषकों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

योजना से संबंधित अधिक जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए कृषक भाई-बहन उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों एवं अधिकृत प्रतिनिधि कंपनी से संपर्क कर सकते हैं, जिनमें राकेश सेन्ड्रे, प्रभारी उद्यान अधीक्षक बिल्हा (मोबाइल 7000181970), जैनेन्द्र कुमार पैकरा, उद्यान विकास अधिकारी तखतपुर (मोबाइल 6265981957), साधूराम नाग, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी कोटा (मोबाइल 9165490297), निशा चंदेल, प्रभारी उद्यान अधीक्षक मस्तूरी (मोबाइल 7000441324), संजीव गाईन, प्रबंधक प्रीयूनिक एशिया प्रा. लि. (मोबाइल 9630053999) तथा शिव भास्कर, क्षेत्रीय प्रतिनिधि प्रीयूनिक एशिया प्रा. लि. (मोबाइल 9131004397) शामिल हैं।

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