June 25, 2026

बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक की निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ

Share this

बिलासपुर, 26 दिसम्बर 2025/बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड के संचालक मंडल के निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आज कार्यालय में 18 नाम निदेशन पत्र प्राप्त हुए। नियोजन पत्रों की जांच 29 दिसम्बर को होगी एवं नाम वापसी 30 दिसम्बर को किये जा सकते है। विशेष साधारण सम्मेलन में मतदान एवं मतगणना 4 जनवरी को सवेरे 9 बजे से 4 बजे तक होगा। निर्वाचित संचालको की प्रथम बैठक 10 जनवरी को होगी, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों का निर्वाचन रिटर्निंग अधिकारी की अध्यक्षता में किया जाएगा।

बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड के संचालक मंडल के निर्वाचन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस संबंध में बैंक कार्यालय में आज नाम निर्देशन पत्र जमा करने की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें कुल 18 नाम निर्देशन पत्र प्राप्त हुए। चुनाव को लेकर बैंक परिसर में दिनभर गतिविधियां बनी रहीं और उम्मीदवारों में उत्साह देखने को मिला।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नाम निर्देशन पत्रों की जांच 29 दिसम्बर 2025 को की जाएगी। जांच के दौरान सभी प्रस्तुत नाम निर्देशन पत्रों की वैधता परखी जाएगी। इसके पश्चात 30 दिसम्बर 2025 को अभ्यर्थी अपने नाम वापस ले सकेंगे। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चुनाव में कुल कितने प्रत्याशी मैदान में रहेंगे।

निर्वाचन प्रक्रिया के तहत विशेष साधारण सम्मेलन का आयोजन 4 जनवरी 2026 को किया जाएगा। इसी दिन मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया संपन्न होगी। मतदान का समय प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। बैंक के सभी पात्र सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग कर नए संचालक मंडल के चयन में भाग लेंगे। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद निर्वाचित संचालकों की प्रथम बैठक 10 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य प्रतिनिधियों का निर्वाचन किया जाएगा। यह प्रक्रिया रिटर्निंग अधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न होगी।

बैंक प्रबंधन के अनुसार निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता एवं नियमों के अनुरूप संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। संचालक मंडल का यह चुनाव बैंक के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैंक के सदस्यों और हितधारकों को इस चुनाव से बेहतर प्रबंधन और विकास की नई उम्मीदें जुड़ी हुई।