गौरेला। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला वन परिक्षेत्र में जंगल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पीपरखूंटी बीट में 21 नग सागौन के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कटी हुई लकड़ियों को जब्त कर लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में नियमित निगरानी नहीं होने के कारण लकड़ी तस्करों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने वन विभाग के कुछ कर्मचारियों पर लकड़ी के अवैध कारोबारियों से मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि वन विभाग ने आरोपों को निराधार बताया है।
गौरेला रेंजर ज्योत्सना पांडे ने बताया कि क्षेत्र में लकड़ी और रेत के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि पेड़ों की कटाई विभाग को बदनाम करने की साजिश भी हो सकती है।
बताया गया कि इसी बीट में कुछ महीने पहले स्टेट फ्लाइंग स्क्वॉड ने 100 से अधिक कटे पेड़ जब्त किए थे। मामले में तत्कालीन डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड को निलंबित किया गया था। इसके बावजूद दोबारा 21 सागौन के पेड़ कटने से वन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल विभाग मामले की जांच में जुटा है।
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