August 23, 2026

आधारशिला विद्या मंदिर सैनिक स्कूल का खुटाघाट डैम शैक्षिक भ्रमण एवं सामुदायिक सेवा कार्यक्रम

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बिलासपुर, आधारशिला विद्या मंदिर सैनिक स्कूल द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, पर्यावरणीय चेतना तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खुटाघाट डैम का एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण एवं सामुदायिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रकृति से सीधे जुड़कर सीखने का एक सार्थक अवसर भी बना।

इस अवसर पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड के पूर्व सदस्य मंसूर खान विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को खुटाघाट डैम क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न वृक्षों, उनकी जैविक विशेषताओं तथा पर्यावरणीय उपयोगिता के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। खान ने बताया कि इस क्षेत्र में साल, सागौन, अर्जुन, नीम, पीपल, बरगद, करंज एवं बांस जैसे वृक्ष प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इस क्षेत्र की जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।

उन्होंने यह भी समझाया कि अर्जुन और पीपल जैसे वृक्ष जल स्रोतों के संरक्षण में सहायक होते हैं, जबकि नीम और बरगद पर्यावरण को शुद्ध रखने एवं औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं। विद्यार्थियों को यह जानकारी दी गई कि वृक्ष केवल छाया और ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि मिट्टी के कटाव को रोकने, वर्षा चक्र को संतुलित रखने और वन्यजीवों को आश्रय प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मंसूर खान ने विद्यार्थियों को खुटाघाट डैम के निर्माण, इतिहास और महत्व के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह डैम कई वर्षों पूर्व क्षेत्र की जल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और पेयजल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। यह डैम आसपास के अनेक गांवों और कृषि क्षेत्रों के लिए जीवनदायिनी जल स्रोत के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जल संसाधनों का संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता अनिवार्य है।

भ्रमण के दौरान विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र का संदेश, पर्यावरण जागरूकता गतिविधियाँ एवं सामुदायिक सेवा कार्यों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने डैम परिसर की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया तथा पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों से दूर रहने का संदेश दिया।

विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं। सैनिक स्कूल की परंपरा के अनुरूप यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा-भाव, देशप्रेम एवं प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने में सहायक सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों की रक्षा एवं वृक्षों के संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने मंसूर खान के अमूल्य मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे उपयोगी शैक्षिक व सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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