बिलासपुर, 31 दिसंबर 2025/‘मोदी की गारंटी’ के वादों को लागू करने की मांग। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की जिला इकाई बिलासपुर द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों को शीघ्र लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
फेडरेशन ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से केंद्र के समान सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
11 सूत्रीय ज्वलंत मांगें रखीं
ज्ञापन में फेडरेशन ने 11 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें—
वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित किए जाने की मांग
पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर लिपिक, शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों का निराकरण
8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान लागू करने की मांग
मध्य प्रदेश की तर्ज पर अर्जित अवकाश नकदीकरण की सीमा 300 दिवस करने की मांग
नियमितीकरण और अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा
फेडरेशन ने कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत सीमा समाप्त कर सभी रिक्त पदों पर नि:शर्त नियुक्ति देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
अन्य अहम मांगें भी शामिल
ज्ञापन में सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति, प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृत्ति आयु में समानता लाते हुए इसे 65 वर्ष करने तथा ऑनलाइन उपस्थिति मोबाइल ऐप (VSK) की अनिवार्यता समाप्त करने जैसी मांगें भी रखी गईं।
नेहरू चौक पर हुआ धरना, नेताओं ने साधा निशाना
इससे पहले आंदोलन के दौरान नेहरू चौक पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। फेडरेशन के संभाग प्रभारी जी.आर. चंद्रा, जिला संयोजक डॉ. बी.पी. सोनी और महासचिव किशोर शर्मा ने कहा कि केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता नहीं मिलने और अन्य मांगों की लगातार अनदेखी से कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
धरना स्थल पर जी.आर. चंद्रा, रोहित तिवारी, आलोक परांजपे, सुनील यादव, चंद्रशेखर पांडे, रामकुमार यादव, उमेश कश्यप, सुनील सोनी, संतोष कुमार साहू, ईश्वर प्रसाद सोनवानी और प्रशांत मुकासे ने भी संबोधित किया।
प्रदर्शन में कैलाश गजभिए, राजेश्वर वस्त्रकार, शंकर मेश्राम, अजय भारती, अभिषेक तिवारी, अशोक ब्रह्म भट्ट सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी साथी मौजूद रहे।
बिलासपुर में निकली इस रैली के जरिए कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के समक्ष अपनी लंबित मांगों को मजबूती से रखा और प्रदेशव्यापी आंदोलन की गूंज शहर की सड़कों तक साफ नजर आई।
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